अनेक रोगों के लिए लहसुन का प्रयोग - Garlic Benefits in Most Disease

लहसुन के प्रयोग से अनेक रोगों में होने वाले चमत्कारी लाभ 

लहसुन के गुण तो बहूत सारे है और बहूत से लोग इसके गुणकारी लाभ की तारीफ तो करते ही है, पर इसके तामसिक और तेज दुर्गन्ध के कारण इसको प्रयोग करने से हिचकिचाते है! अब आइसक्रीम ठंडी तो होगी ही! लहसुन के गुण इसके उड़नशील तेल में है! उसमे तेज गंध होती है बहूत सी कम्पनियां लहसुन के तेल के कैप्सूल बेचकर भी बहूत सारा धन बटोर रही है! अगर आप इसके दुर्गन्ध को एक तरफ करके इसके केवल 1 या 2 कली का ही प्रयोग करते है तो भी इसके बहूत लाभ मिलेंगे!

Benefits Of Garlic in Various Disease - अनेक रोगों में बहूत उपयोगी है लहसुन का प्रयोग

लहसुन स्मरण शक्ति अर्थात याददाश्त बढाता है!

लहसुन पेनिक्रियांस और यकृत की सक्रियता को बढाता है! आंत गति नियमित करके कब्ज दूर करता है! "मधुमेह रोगी, जिगर दुर्बलता की शिकायत करनेवाले, बुढ़ापे में दर्द, हाजमा ख़राब, कमजोर याददाश्त वालो के लिए लहसुन रामबाण की तरह काम करती है! इसका प्रयोग नियमित करें!

हर्दय रोग की दवाई

लहसुन वायु रोग और हर्दय रोग की राम बाण दवाई है!
वाग्भट के अनुसार - 
पित्तरक्तव्निर्मुक्त सम्स्ताव्रण व्रते!
शुद्धे व विधते वायो न द्रव्यं लाशुनात्प्रम!!
अर्थात - पित्तरक्त को छोड़कर अन्य कारण से उत्पन्न वायु रोग दूर करने के लिए इससे बढ़कर कुछ भी नहीं है!
  1. काली मिर्च, सोंठ, सफ़ेद जीरा, हींग, लहसुन, कलमी शोर, सोंचर नमक को बराबर बराबर मिलाकर पाउडर बना लें, चौथाई ग्राम से आधा ग्राम तक शहद में मिलकर इसका प्रयोग करें!
  2. सौ ग्राम लहसुन रस एक किलोग्राम दूध में धीमी आंच पर गरम करके खोवा बना लें! बराबर खांड मिलाकर बीस पेडे बना लें! रोजाना एक पेडा खाकर दूध पियें! वायु रोग में बहूत ही गुणकारी और लाभप्रद है!
हर्दय रोग, धमनी कठोरता, कोलेस्ट्राल वृद्धि में भी लहसुन लाभकारी है! कई प्रसिद्ध चिकित्सक कहते है की ये धमनियों को दुबारा से लचकदार बनाकर हर्दय रोग व रक्त दाब नियंत्रित करता है!
लहसुन, गुड, सेंध नमक, पेपर, काली मिर्च, हिंग को बराबर मिलकर उसमे शहद मिलाकर रखें, उसके बाद चौथाई चम्मच से आधा चम्मच तक इसका सेवन करने से गैस, अफारा, उदर रोग, जुखाम, खासी में लाभ मिलता है!


Diabetes Patient Diet Chart To Control Sugar Level- शुगर के रोगी का डाइट चार्ट, मधुमेह रोग में क्या खाए कितना खाएं?

मधुमेह रोगियों लिए के डाइट चार्ट कैसा होना चाहिए?

मधुमेह रोगियों के लिए बहूत जरूरी है! की, वो अपने खानपान का सही तरीके से ध्यान रखें! अन्यथा ये परेशानी का सबब बन सकता है! रोगी को हर कार्य नियमित रूप से रोजाना करना चाहिए! बिना किसी भी तरह का आलस या लापरवाही के! परहेज, दवाइयां या इस डाइट चार्ट को केवल कुछ दिन लेकर ही ये सोचकर बंद नहीं करें की लाभ नहीं हो रहा है!
Diabetes - Diet Chart for Sugar Patient

इस डाइट चार्ट को कम से कम 2 महिना लें! आप स्वयं ही लाभ अनुभव करेंगे! और उसके बाद आप इसे सुविधा अनुसार आगे भी जारी रख सकते है! याद रखे दिनचर्या और खानपान जब संतुलित और रहेगा! तभी आपका शरीर स्वस्थ रहेगा!

गलत दिनचर्या और खान पान की गलत आदत के कारण ही व्यक्ति का शरीर कमजोर होता है! और बीमारी से लड़ने में सक्षम नहीं हो पता है! इसलिए अपने आपको और अपने सोचने के नजरिये को बदलें! आनंदमय और खुशहाल जीवन अपने के लिए अच्छी और नियमित दिनचर्या का पालन करें!

Best Diet For Diabetes- शुगर के मरीजो भोजन में क्या और कैसे लें!

  1. सुबह 6 बजे: एक ग्लास गुनगुना पानी लेकर उसमे 1 नीबू का रस निचोड कर रोजाना पिए!
  2. सुबह 7 बजे: पिछली रात में भिगोकर रखे हुए 50 ग्राम मेथी का पानी हल्का गर्म करके पिए! उसके बाद मेथी के दाने को किसी पतले कपडे में बंधकर रख दें! अंकुरित होने के बाद प्रातः 7 बजे उन्हें खाएं!
  3. सुबह 9 बजे:एक चौथाई ग्लास टमाटर का रस, लौकी का रस, पलक का रस और करेले का रस मिलाकर पिए! इसके अलावा टमाटर और खीरे का सलाद लें!
  4. सुबह 11 बजे: एक कटोरी अंकुरित अनाज लें! (गेहूँ, मुंग और चना), एक कटोरी सब्जियो का सलाद, एक कटोरी उबली हुई हरी सब्जी, 3 रोटी (गेहूँ और चना बराबर मिले हुए आटे से बनी!) और एक कटोरी दही बिना नमक या चीनी मिलाएं सेवन करें! (दही में काला नमक मिला सके है!)
  5. दोपहर 2 बजे:एक चम्मच जामुन का पाउडर एक ग्लास मट्ठे में मिलाकर पिए!
  6. सायकाल 4:30 बजे:मौसमी फल खासतौर से खट्टे फल ज्यादा से ज्यादा खाएं! और एक बड़ा कटोरा दही का सेवन करें!
  7. सायकाल 7 बजे:1 कटोरी मुंग, चना और गेहू का अंकुरित अनाज खाएं! हरी सब्जिओं का सलाद लें! और 1 कटोरी उबली हुई सब्जी लें, 2 रोटी बराबर मात्र में गेहूँ और चने के आटे से बनी हुई खाए!