दांतों की समस्या मसुडो से खून आना और मसूड़ों में सुजन, दाटो में कालापन, कीड़े लगना, दांतों में खड्ड बनने के उपाय Tooth Decay Problem

दांतों में दर्द की समस्या हर व्यक्ति को जीवन में एक बार जरूर झेलनी पड़ती है! जैसे की ब्रश करने या दबाने पर मसुडो से खून आना, मसूड़ों में सुजन, दातों में कालापन, सडन, कीड़े लगना, दांतों में खड्ड बनने जैसी समस्याएँ आजकल बहूत ही अधिक मात्रा में होने लगी है!

दांतों की समस्या - Tooth Decay Problem

अगर आपके दांतों में ब्रश करते समय या दबाने पर खून आता है और मसुडो में सुजन है तो निश्चित ही व्यक्ति पायरिया से पीड़ित है! लेकिन ये समस्या अक्सर विटामिन सी की कमी के कारण होने वाले स्कर्वी रोग से भी हो सकता है! इसके लिए जरूरी है की किसी अच्छे दातो के डॉक्टर से संपर्क किया जाए!

Tooth Decay Problem | दांतों दर्द, कालापन सडन कीड़े लगना जैसी समस्या और उपाय

क्या उपाय किया जा सकता है! Solution For This Problem

इस समस्या को दूर करने के लिए विटामिन सी की सेलिन 500 मिलीग्राम की एक-एक गोली रोजाना नियमित रूप से सुबह और शाम को 2 हफ्ते तक लेना चाहिए! अगर दांतों व मसुडो में संक्रमण हो गया हो तो डॉक्टर से सलाह लेकर एंटीबायोटिक की टेबलेट भी ले सकते है!

दांतों में सडन, काले धब्बे, कीड़े, खड्ड हो गए है तो ये उपाय करे! Tooth Decay Problem


ऐसी समस्या होने पर सबसे पहले दांतों के डॉक्टर से जरूर मिले! क्योंकि ये केरीज बीमारी के लक्षण हो सकते है अगर ये बीमारी का शुरूआती स्तर हुआ तो इलाज से आपके बाकी के दन्त बच जायेंगे! आजकल इस बीमारी के नए किस्म के इलाज मजूद है जिससे दांतों के संक्रमण को दूर किया जा सकते है और उन्हें बचाया जा सकता है! इसका इलाज रूटकेनाल के जरिये किया जाता है!

अगर दांतों में गड्डे हो गए है या कीड़े लग गए है तो इसके लिए आधुनिक तकनीक के द्वारा कृत्रिम दांतों के स्थायी रूप से लगा दिया जाता है! कीड़े लगने के कारण दांतों में जो गड्ढे बन गए है उसका इलाज भी रूट कैनल विधि से किया जा सकता है!

ये इलाज देश के लगभग सभी बड़े अस्पताल के दन्त चिकित्सा विभाग में उपलब्ध है!

अगर आपके दोनों तरफ के या एक तरह की दाढ़ कीड़े लगने या संक्रमण की वजह से खोखली हो गयी है और उसमे दर्द होता है तो इसके इलाज में सबसे पहले उस दांत व स्थान का एक्स-रे लिया जाता है!

संक्रमण होने पर इसका इलाज जल्द करवाए और उसके बाद कैपिंग विधि से दोनों दाढो को बचाया जा सकता है ये सभी सुविधा दांतों के अस्पताल में आसानी से हो जाता है!

Top 8 Calcium Rich Food To | Reduce Calcium Deficiency Without Medicine कैल्शियम से भरपूर 8 जरूरी फ़ूड

शरीर में कैल्शियम की मात्रा में कमी को दूर करने के लिए दूध सबसे अच्छा स्त्रोत माना गया है! लेकिन बहूत से लोगो को दूध पीना पसंद नहीं होता है!
ऐसी अवस्था में जरूरी है की अन्य किसी चीज को अपने भोजन में शामिल किया जाए जिससे की कैल्शियम की कमी पूरी हो सके! आज हम आपको ऐसे ही 8 ऐसे कैल्शियम रिच फ़ूड के बारे में बताते है जिनके इस्तेमाल से आपकी कैल्शियम की कमी दूर हो जाएगी और दवाई भी खानी नहीं पड़ेगी!


कैल्शियम से भरपूर 8 खास आहार | Top 8 Calcium Rich Food

सबसे पहले जानते है की कैल्शियम शरीर के लिए क्यों जरूरी है?

कैल्शियम शरीर में नर्वस सिस्टम के जरिये मांसपेशियों को गतिशील बनाने में मदद करता है! खून में कैल्शियम की निश्चित मात्रा होने पर व्यक्ति के शरीर में उसकी कोशिकाएं हर कार्य को करने के लिए तैयार रहती है!
कैल्शियम हड्डियों को मजबूत करने के अलावा खतरनाक बीमारियों जैसे की हाई ब्लड प्रैशर, कैंसर और डायबिटीज से बचाव करने में मदद करता है!

बढ़ती उम्र में कैल्शियम बहूत जरूरी होता है? 

30 वर्ष की उम्र तक हमारे शरीर की हड्डियाँ पूरी तरह से विकसित हो जाती है! लेकिन इसके बावजूद भी शरीर को रोजाना 1500 मी.ली कैल्शियम की जरूरत पड़ती है! शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर हड्डियों पर इसका असर होता है और वो कमजोर होने लगती है! इसका साथ ही कई तरह की बिमारिय होने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है!

कैल्शियम की कमी स्त्रियों में अधिक होती है! 

स्त्रियों में पुरषों के अपेक्षा कैल्शियम की कमी अधिक देखने को मिलती है! क्योंकि महिलाओ के शरीर में कैल्शियम की खपत अधिक होती है क्योंकि प्रेगनेंसी, पीरियड, व मोनोपॉज़ के समय स्त्रियों के शरीर को कैल्शियम की जरूरत बहूत अधिक होती है! इसलिए स्त्रियों में पुरषों के मुकाबले अधिक कैल्शियम की जरूरत होती है!

कैल्शियम से भरपूर फूड्स

अधिकतर लोग कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए बाजार से कैल्शियम की गोलिया खरीद कर हमेशा खाते रहते है! जो पूरी तरह गलत तरीका है! कैल्शियम की कमी को हमेशा प्राकृतिक तरीके से पूरा करना चाहिए! जैसे की कैल्शियम से भरपूर फल सब्जी खाने चाहिए! सुबह के समय हलकी धुप में कुछ देर बैठना चाहिए!

कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए लिए डाइट में ये 8 तरह की चीजे शामिल करें!


  1. बीज अलसी, चिया सीड्स, तिल के बीज और कद्दू कैल्शियम के बहूत ही अच्छे स्रोत होते हैं! इनमें कैल्शियम के साथ-साथ आपको प्रोटीन व ओमेगा-3 फैटी एसिड भी आसानी से भरपूर मात्र में प्राप्त हो जायेगा और आप स्वस्थ भी रहेंगे!
  2. रोजाना एक कप ताजा दही बिना कुछ मिलाएं खाएं इसमे जरूरत का लगभग 30 प्रतिशत कैल्शियम     होने के साथ ही पोटेशियम, फास्फोरस, और विटामिन B2 व B12 होता है। ऐसे में अगर दूध नहीं भी पिते है, तो भी कैल्शियम की मात्रा में कमी नहीं आयेगी!
  3. बीन्स: एक कप बीन्स में लगभग 24 प्रतिशत तक कैल्शियम पाया जाता है! बीन्स का सेवन निरंतर करते रहने से शरीर में से कैल्शियम की कमी पूरी हो जाती है!

  4. पनीर: पनीर में भी भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है इसके सेवन से कैल्शियम की कमी पूरी हो जाती है! पनीर में कैल्शियम के अलावा प्रचुर मात्रा में प्रोटीन भी होता है, इसके सेवन से सेहत के लिए लाभकारी है!
  5. बादाम: बादाम खाने से दिमाग तो तेज होता ही है इसके साथ ही ये हड्डियों को भी ताकत प्रदान करता है! बादाम में कैल्शियम भी पाया जाता है। बादाम को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें!
  6. पालक: पालक में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है! 100 ग्राम पालक में लगभग 99 मि.ली तक कैल्शियम की मात्रा होती है! हफ्ते में कम से कम 3 बार पलक खाते है तो कैल्शियम की जरूरत पूरी हो जाएगी!
  7. सोया दूध या टोफू: बहूत से लोगो को दूध पीना बिलकुल पसंद नहीं होता है उनके लिए सोया दूध या टोफू को डाइट में शामिल करना लाभकारी है! इनमें भी कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है!
  8. भिंडी: भीनी भी कैल्शियम का अच्छा स्त्रोत होता है! एक कटोरी भिंडी में 40 ग्राम तक कैल्शियम पाया जाता है! भिन्डी हफ्ते में 2 बार खाने से दांत खराब नहीं होते और हड्डियां की ताकत व मजबूती भी बढती है!


COPD Cause Treatment COPD फेफड़ों के खतरनाक रोग की पूरी जानकारी और इलाज के सही देसी तरीके

सीओपीडी फेफड़ों की खतरनाक बीमारी होती है! जिसके कारण स्वास की नलिकाओं में सुजन आ जाती है और नलिकाएं सिकुड़ जाती है! नालिकाओ की सुजन लगातार बदती चली जाती है! जिसके कारण कुछ समय बाद फेफड़े छलनी हो जाते हैं! ऐसे स्थिति को एँफयज़ीमा (emphysema) भी कहते हैं!

इस रोग में साँस लेने में परेशानी आने लगती है जो धीरे धीरे शवसन तंत्र और क्रिया को प्रभावित करने लगता है!

रोग के लक्षण Symptoms of COPD

सीओपीडी स्वास नाली में सुजन के कारण साँस लेने की प्रक्रिया में कठिनाई बढ जाती है जिससे श्वास लेने की लंबाई कम होने लगती है! ऐसी स्थिति आने पर शरीर ओक्सिज़न ग्रहण उतनी तेजी से नहीं कर पता है जितनी जरूरत होती है! इसके कारण शरीर व खून में carbon-di-oxide की मात्रा बढ़ जाती है!

COPD होने के कारण और इलाज के असान और प्राकृतिक उपाय और देसी तरीके | COPD Cause And Treatment

फेफड़ों में जलन की वजह से श्वास नलिकाएँ पिचक जाती हैं!

इस खतरनाक रोग के कारण श्वास नलिकाओं में खिचाँव आ जाता है! जिसके कारण रोगी को साँस लेने में कठिनाई होती है! और घबराहट भी महसूस होने लगती है! यह लंबी समय तक चलने वाली बीमारी है! इसे पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है! लेकिन इसे बढ़ने से रोका जा सकता है!

इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को सावधानी बरतनी चाहिए! किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए! इस रोग में रसोई में उठने वाले धुएं, मसालों की गंध गाड़ी के धुएं, पेट्रोल, केरोसिन के दुए से बचना चाहिए!

सीओपीडी के कारण (Causes of COPD in Hindi)

सीओपीडी होने के कई कारण हो सकते है लेकिन मुख्यतः ये अधिक धूम्रपान करने से होता है! इसके अलावा दूषित वातावरण में रहने से ये रोग हो सकता है! अधिक प्रदूषण, या वातावरण में किसी कीटनाशक का प्रयोग करने अथवा रंग रोगन के केमिकल्स को सांसो के जरिये अन्दर लेने से भी ये रोग हो सकता है!

सीओपीडी में लाभ देने वाली औषधियाँ (Ayurvedic remedies useful in COPD in Hindi)


  1. सीतोपलादी चूर्ण: यह हर तरह के साँस से सबंधित बीमारी के लिए लाभकारी है!  ये श्वास नलिकायों की सुजन और जलन को कम करते करने में सहयोग करती है और इसके प्रयोग से शरीर की रोग-प्रतिकारक क्षमता तेजी से बढती है!
  2. अडूसा (Adhatoda Vasica): ये श्वसन क्रिया में सहयोग देता है! और स्वसन तंत्र से संबंधित कई अन्य रोगों व संक्रमण को होने से भी रोकता है!
  3. मुलेठी: (Glycyrhiza Glabra): वैसे तो इसका इस्तेमाल सूखी खाँसी के उपचार के लिए किया जाता है! यदि कफ आसानी से नहीं निकलता है तो मुलेठी हर तरह के बलगम को निकालने में अधिक सहायक है
  4. अश्वगंधा: (Withania Somnifera):  इसके इस्तेमाल से शवसन तंत्र को ताकत मिलती है! ये थकावट और कमजोरी को भी दूर करता है!
  5. टंकण भस्म: इस भस्म का इस्तेमाल सीओपीडी रोग को ठीक करने के लिए किया जाता है! ये कफ को फेफड़ों से बहार निकलने में बहूत कारगर है!
  6. शृंग भस्म: इस भस्म का इस्तेमाल भी फेफड़ों में जमा कफ को शरीर बाहर करने के लिए किया जाता है! इस टंकण भस्म से बहूत अधिक ताकतवर होती है! ये छाती में गहरे तक जमे हुए कफ को निकालने में सक्षम है! इसके प्रयोग से छाती की दर्द, साँस लेने में तकलीफ महसूस होना जैसी समस्याएं दूर करता है! 
  7. यूकलिप्टस आयल (Eucalyptus oil): इसके इस्तेमाल से इस रोग में लाभ होता है! इसका प्रयोग नियमित किया जा सकता है! ये फेफड़ो में जमी हुई कफ की परत को बहार निकलने में सक्षम होता है!


Rice Super Food Double Your Energy - सुपरफूड चावल का पानी के है चमत्कारी फायदे चेहरे से हट जाएंगे बुढ़ापे के निशान

चावल का पानी अर्थात राइस वॉटर इसे सामान्य बोलचाल की भाषा में माड़ कहते है, इसमें कार्बोहाइड्रेट की भरपूर मात्रा होती है जो हमारे शरीर के लिए अत्यंत फायदेमंद है! शरीर की त्वचा और बालों के लिए बहूत अधिक लाभकारी है! इसके प्रयोग से बढती उम्र के निशान चेहरे पर से हटा सकते है!

चावल का पानी 2 तरीके से बनाया जाता है! Super Food Rice Water

पहला उपाय है : सबसे पहले कच्चे चावल को लगभग आधा घंटा या रात भर के लिए भिगोकर रख दें! अब चावल को छानकर पानी अलग कर लें! अब चावल का पानी प्रयोग करने के लिए तैयार है!
दुसरा तरीका है : पहले चावल को प्रेशर कुकर के स्थान पर किसी पतीले में बनाएं! और जब चावल पाक जाएँ तो उसमे से पानी अर्थात माड को अलग बर्तन में निकाल लें! आपके लिए मिल्की सफ़ेद रंग का चावल का माड तैयार है! ये बहूत से जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर है!


विटमिन्स से भरपूर होता है!

माड अर्थात राइस वॉटर ये त्वचा के लिए सुपरफूड है! बहूत सारे विटामिन और मिनरल्स मोजूद होते है! इसके अलावा इसमें फेरुलिक ऐसिड भी होता है जिसके कारण ये पूरी तरह से ऐंटी-ऑक्सिडेंट से भरपूर होता है!

चेहरे पर नहीं दिखेंगे उम्र के निशान

इस माड को टोनर या फेशियल क्लेंजर की तरह प्रयोग कर सकती है! इससे स्किन को टाइट रखने और चेहरे के पोर्स को बंद करने में मदद मिलती है! जब स्किन की कसावट कम होने लगती है तो चेहरे पर झुर्रिया आने लगती है और उम्र के निशान दिखने लगते हैं! इस माड में उपस्थित ऐंटी-ऑक्सिडेंट त्वचा की कसावट को बनाये रखने में मदद करता है!

कील-मुंहासे होंगे दूर

चावल का पानी का निरंतर प्रयोग करते रहने से चेहरे पर मुहासे, दाग धब्बे नहीं होते है! त्वचा कोमल, चमकीली और मुलायम हो जाती है!

त्वचा पर कैसे करें इस्तेमाल?

साफ़ रुई लेकर उसे चावल के पानी में भिगोकर हलके हाथों से चेहते पर लगायें! इसे किस्सी खली बोतल में भरकर स्प्रे नोज़ल की मदद से त्वचा पर स्प्रे भी कर सकते है! इसे निरंतर इस्तेमाल करने से त्वचा मुलायम हो जाएगी और किसी भी तरह के मॉइश्चराइजर को लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी!

बालों के लिए फायदेमंद

चावल के पानी में जो कार्बोहाइड्रेट होता है उसे इनो-सिटॉल कहा जाता है! इसकी वजह से बालो को मजबूती मिलती है!और बालों में घर्षण कम होता है! जिसके कारण बाल मुलायम रहते है और उनमे लचीलापन बना रहता ही! इससे बालों को धोकर शैम्पू या कंडिशनर की तरह भी प्रयोग कर सकते है! जिससे बालों में प्राकृतिक चमक बनी रहती है!

इसकी कमी होने पर बुढ़ापा जल्दी आने लगता है! कैल्शियम की कमी Calcium Deficiency Problem

शरीर में दिखें ये लक्षण तो समझिए कैल्शियम की कमी है, समय रहते जान जाइये वरना बुढापा एक खाट पर सिमट कर रह जाएगा!

Most Common Calcium Deficiency Symptoms In Body 


आज हम आपको शरीर के कुछ ऐसे ख़ास लक्षण के बारे में बताएँगे जिससे के आप बड़ी आसानी से ये पता कर सकते है, की आपके शरीर में कैल्शियम की कमी है और कैल्शियम की कमी किसी तरह से जिंदगी बर्बाद कर सकती है!

बुढ़ापे की शुरुआत हो जाती है, शरीर में इस चीज की कमी होने पर!

शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी से बहूत सी समस्याए जीवन में खड़ी हो सकती है, और कैल्शियम भी उन्ही में से के बेहद जरूरी तत्व है जिसकी कमी अगर हो जाये तो व्यक्ति कही का नहीं रह जाता है! उसे पूरी तरह से दूसरो पर आश्रित हो जाता है, और व्यक्ति घुट घुट कर जिंदगी बिताने के लिए मजबूर हो जाता है!

हड्डियों और दांतो की मजबूती कैल्शियम पर निर्भर करती है! हर व्यक्ति को दिनभर में 1000 से 1200 मिली ग्राम तक कैल्शियम की जरूरत पड़ती है!

जबकि गर्भवती स्त्री को एक दिन में 1200 से 1300 मिली ग्राम तक कैल्शियम लेना जरूरी है इसलिए गर्भवती स्त्रियों को चिकित्सक कैल्शियम की गोली भी खाने के लिए कहते है!

आजकल कैल्शियम की कमी बच्चो से लेकर बूढों तक में अधिकतर देखी जा रही है जो पहले अधिक उम्र के लोगो को ही होती थी!

हड्डियों में कमजोरी - Feeling Weakness In Bones

कैल्शियम की कमी से हड्डियों के बनने की प्रक्रिया धीमी पड़ने लगती है हड्डिया कमजोर हो जाती है व्यक्ति को हमेशा फ्रेचर होने का दर बना रहता है, हड्डियों में दर्द होता है अधिक परेशानी होने पर कमर की हड्डी टूट सकती है ये झुक सकती है, जोड़ो में दर्द होने के साथ साथ जल्दी थकन महसूस होती है! कैल्शियम कमी से आस्टियोपेरोसिस नाम की बीमारी हड्डियों में हो जाती है जिससे हड्डियाँ कमजोर और पतली होने लगती है और कमर झुक जाती है व हड्डी टूटने का खतरा भी बढ़ जाता है! 

मांसपेशियों में खिंचाव -Cramps in Muscles 

शरीर के मसल्स के बनने में कैल्शियम की अहम् भूमिका होती है शरीर में की मात्र कम होने पर मासपेशियो में खिचाव आने लगता है और जांघो व पिंडलियों में तेज दर्द भी हो सकता है!

नाखूनों का कमजोर होना - Weakness in Nails

कैल्शियम नाखुनो के निर्माण के लिए भी बहूत जरूरी तत्व होता है इससे नाख़ून चमकदार, मजबूत और आकर्षक होते है! कैल्शियम की कमी होने से से नाखून कमजोर होकर जल्दी और आसानी से टूट जाते हैं! नाख़ून पतले हों जाते है नाखूनों पर सफेद निशान या दाग दिखने लगते हैं!

दांतों का कमजोर होना - Weakness In Teeth

शरीर में 99 प्रतिशत कैल्शियम हड्डियों की जरूरत पूरी करता है और कैल्शियम से ही दांतों का निर्माण भी होता है इसकी कमी से दांतों में दर्द और झनझनाहट होती है और दांत कमजोर होकर टूटने लगते हैं! कैल्शियम की कमी होने पर दांतों में कीड़े भी जल्दी लगते है! जबकि छोटे बच्चों में कैल्शियम की कमी से दांत देर से निकलते हैं!

थकान महसूस होना - Tired Feeling

शरीर में यदि कैल्शियम की कमी होती है तो हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द होने लगता है जिससे शरीर में हमेशा थकान बनी रहती है किसी काम में मन नहीं लगता!
इसकी कमी से नींद न आना, डर लगना और तनाव जैसी समस्याएं देखने को मिलती है! अक्सर महिलाओं में बच्चे का जन्म होने की बाद कैल्शियम की कमी देखने को मिलती है जिसके कारण उन्हें बहूत थकान महसूस होती है!

मासिक धर्म में अनियमितता -  Irregularity In Menstrual Period

यदि महिलाओं में कैल्शियम की कमी होती है तो उन्हें मासिक धर्म देर से या अनियमित होता है और पीरियड्स के दौरान अधिक दर्द की समस्या भी होती है!
शरीर से खून भी ज्यादा जाता है! कैल्शियम महिलाओं के गर्भाशय और ओवेरियन हार्मोन्स के विकास के लिए बहूत जरूरी तत्व होता है!

जल्दी-जल्दी बीमार पड़ना - Hurry To Fall Sick

व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम बेहद जरूरी तत्व है, ये शरीर के शवास संस्थान और तंत्र को मजबूत करके उसकी रक्षा भी करता है! ये तत्व आंतों में संक्रमण होने से भी रोकता है! यदि कैल्शियम की कमी हो जाए तो व्यक्ति बहूत जल्दी - जल्दी बीमार पड़ने लगता है!

बालों का झड़ना- Hair Fall Problem

बालों के विकास के लिए भी कैल्शियम जरूरी तत्व है इसकी कमी से बाल टूटना, कमजोर होना और रुखे होने लगते है! किसी व्यक्ति को यदि बालो में इस प्रकार की समस्या होती है तो ये निश्चित ही कैल्शियम की कमी का संकेत है!


This Recipe Double Your Man Power Energy For More 5 Extra Hours ये रेसिपी आपकी उर्जा को ताकत देगी एक बार जरूर आजमाएं

This Recipe Double Your Man Power Energy For More 5 Extra Hours ये रेसिपी आपकी उर्जा को ताकत देगी एक बार जरूर आजमाएं!

हर स्त्री पुरुष चाहते है की उनके जीवन में उनका सम्बन्ध बेहद सहजता से और आनंददायक हो, लेकिन अक्सर उन्हें ऐसे समय में थकान, सिरदर्द और कमजोरी की शिकायत होती है! आयुर्वेद में व्यक्ति को मिलन के समय को बढाने और अत्यधिक शक्तिशाली बनाने के कई उपाय व तरीके बताये गए है! उनमे से सबसे कारगर और बेहतरीन रेसिपी जो आपकी एनर्जी को दुगना कर देगी और आपको एक्स्ट्रा 5 घंटे तक आनंद की प्राप्ति होगी!

This Recipe Double Your Man Power Energy For More 5 Hours Extra | चमत्कारी रेसिपी 

एनर्जी बूस्टर रेसिपी पेश है आपके लिए!

रेसिपी 1: बनाने का तरीका
10-10 ग्राम बादाम गिरी, 25 ग्राम गेहूं, 20 ग्राम खसखस, कद्दूकस नारियल, काजू व आधा लीटर दूध, 200 ग्राम शकर (चीनी), 2 ग्राम दालचीनी, लौंग व इलायची आवश्यकतानुसार!
गेहूं व खसखस को अलग-अलग भिगोकर उसे एकदम बारीक पीस लें! अब उस पिसे हुए गेहूं में एक गिलास पानी मिलाकर पतला घोल बना लें! जब ये हो जाए तो एक कड़ाही में घी को गर्म करके उसमे दालचीनी और लौंग लेकर दोनों का मोटा चूर्ण तथा उसमे इलायची (छिल्का निकालकर) डालकर थोड़ा भून लें!

अब उसमे पिसी हुई खसखस को 1 मिनट तक भूनें! फिर इसमें गेहूं का घोल व दूध भी डाल दें! जब उसमे उबाल आने लगे तो सभी मेवे उसमे मिला दें। जब घोल आधा रह जाए, तो उसमे शकर ( चीनी) मिला दें! अब इसे रोजाना सुबह अपने नाश्ते में लें। ये बेहद स्वादिष्ट पौ‍ष्टिक और स्वास्थ्य-वर्धक होता है!


रेसिपी 2: बूस्टर खीर बनाने का तरीका
अब मै आपको अगली (Se-क्स उर्जा) बूस्टर रेसिपी के बारे में बताता हु जिसे आप अपने घर पर भी बना सकते हैं! लगभग 25 ग्राम जौ लेकर उसे रात में भिगो दें। सुबह 1 लीटर दूध कड़ाही में उबालें!  जब दूध अच्‍छी तरह उबल जाए, तो भीगे हुए जौ का पानी दूध में डाल दें!
नोट: ध्यान रहे की पहले जौ को अच्‍छी तरह हाथ से मसलकर उसकी भूसी निकाल दें, जब दूध एक चौथाई रह जाए, तो उसमे अपने स्वाद के अनुसार चीनी डाल दें, और यदि आप इसे अत्यधिक स्वादिष्ट बनाना चाहते है तो, इसमें कुछ काजू, बादाम व इलायची भी डाल सकते हैं!

इस खीर को खाने के बाद लगभग 1 घंटे तक पानी मत पिएं!
अगर आप इस खीर को रोजाना 1 महीने तक सेवन करेंगे तो आपको अपनी पॉवर (Se-क्स उर्जा) बढ़ने के साथ मानसिक शक्ति में भी अत्यंत लाभ मिलेगा!


अपेंडिक्स का असहनीय दर्द अब नहीं होगा - No More Apendix Pain Fear - How To Treat Appendix

अपेंडिक्स के मुख्य कारण - Apendix Major And Basic Reasons


गलत खानपान और गलत जीवनशैली होने का कारण, आजकल कम आयु में भी अपेंडिक्स की समस्या लोगो को हो रही है! ये बीमारी क्यों होती है! और इससे कैसे बचा जा सकता है! आइये जानते है!

  • अपेंडिक्स हमारे शरीर में आंतो के बीच में स्थित होता है! इसमे संक्रमण हो जाने के कारण अपेंडीसाईटिस नाम की बीमारी हो जाती है! इसमे बहूत तेज पेट दर्द होने लगता है!
  • दरअसल अपेंडिक्स हमारे पेट में आंतो का ही एक छोटा सा हिस्सा होता है! अपेंडिक्स के 2 सिरे होते है! इसका एक सिरा बंद होता है जबकि दूसरा सिरा खुला होता है!
  • इसके खुले सिरे से अगर कभी खाना या मल कभी अन्दर चला जाये! तो ये कभी भी बाहर नहीं निकल पाता है! जिसके कारण अपेंडीसाईटिस संक्रमण हो जाता है! ऐसा होने पर पेट के दायें भाग में धीरे धीरे सुजन और दर्द होने लगता है!
 
No More Apendix Pain Fear - अपेंडिक्स का असहनीय दर्द अब नहीं होगा!

अपेंडिक्स शरीर के किस भाग में होता है और इसके कार्य क्या है?

Apendix Role in Body And Where It is Situated in Body?


अपेंडिक्स पेट के दायीं तरह होता है! और इसका प्रमुख कार्य हमारे शरीर में ग्लूकोस को पचाने में मदद करना होता है! मान विकास से पहले आदिकाल में जब मानव कच्चा भोजन खाता था! तो उस समय अपेंडिक्स का काम भोजन को पचाने में अधिक मददगार होता था!

एक शोध के अनुसार अपेंडिक्स शरीर में जरूरी अंग होता है! इसके अन्दर अच्छे बैक्टीरिया होते है जो पाचन क्रिया में मदद करते है! शरीर में लम्बी बीमारी के समय जब भोजन को पचाने में मदद करने वाले अच्छे बैक्टीरिया कम हो जाते है! तो अपेंडिक्स का काम भोजन पचाने में मदद करना होता है!

ये मरीज के लिए असहनीय दर्द का कारण बन जाता है! जो डॉक्टरस को भी परेशान करता है! क्योंकि, इसका इलाज मुश्किल होता है!

खतरनाक होता है इसकी अनदेखी करना!

ये अंग छोटी और बड़ी आंत की मिलने वाले स्थान पर होता है! इसका आकार 2 से 4 इंच के बीच होता है! इसमे संक्रमण होने से सुजन और दर्द होने लगता है! ऐसा होने पर इसमे मवाद भर जाता है! और इसके फट जाने से खतरा होता है!

फट जाने पर इसके पेट में फ़ैल जाने का खतरा होता है! जो खतरनाक हो सकता है! और पेट में संक्रमण का खतरा हो जाता है! ऐसी स्थिति खरनाक होती है!

अपेंडिक्स के लक्षण!

अगर पेट के निचले और दायें भाग में जलन और सुजन की समस्या हो रही हो! तो, अपेंडिक्स होने की सम्भावना होती है! ये समस्या 10 वर्ष से 30 वर्ष की उम्र में सामान्य सी बात होती है! संक्रमण होने पर पेट या नाभि के आसपास असहनीय व तेज दर्द होने के अलावा उल्टी होना, पेट की दायीं तरफ तेज दर्द होना! जैसे लक्षण हो सकते है!

कई बार तेज नब्ज चलना, तेज बुखार होना व कफयुक्त मल आना, पीठ में दर्द, चक्कर आना, कब्ज या दस्त होना, पेशाब करते समय दर्द होना, ठण्ड लगना, गैस की समस्या होना! जैसी समस्याएं भी हो सकती है! ऐसा होने पर चिकित्सक की सलाह जरूर लें!

भोजन में क्या लें?

ऐसे में अधिक से अधिक फाइबर युक्त पदार्थ, हरी सब्जियां, सेब, और सलाद इत्यादी खाना चाहिए! खट्टे व मसालेदार भोजन, बाहर का खाना, और अधिक तेल से बनी चीजे नहीं खाएं!

डॉक्टर्स के अनुसार हमारे शरीर में अपेंडिक्स का होना भी जरूरी होता है! संक्रमण होने पर यदि दवाओं से आराम मिलता है! तो, इसे दवा से ही ठीक करने की कोशिश करनी चाहिए! लेकिन अगर संक्रमण बार बार हो, दर्द की समस्या हो! और ऑपरेशन जरूरी हो! तो इसमे किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करें!

अपेंडिक्स के घरेलु इलाज!

  • अपेंडिक्स के दर्द से राहत पाने के लिए और सुजन को दूर करने के लिए रोजाना 2 बार अदरक की चाय पीना चाहिए!
  • अलोवेरा जूस का सेवन रोजाना करें! इससे आंतो में मौजूद गन्दगी साफ़ होनी शुरू हो जाती है! और जल्द आराम मिलता है!
  • अपेंडिक्स से बचने के लिए रोज पलक का जूस या इसकी सब्जी का सेवन करें! इससे लाभ होता है! पलक का किसी भी रूप में सावन कर सकते है!
  • भोजन लेने से आधा घंटे पहले टमाटर काट का उसमे सेंधा नमक बुरक ले! और उसका सेवन करें! ऐसा करने से जल्द ही सुजन और दर्द दोनों में राहत मिलती है!
  • तुलसी की चाय रोजाना पीना चाहिए! इससे पेट की समस्या नहीं होती है! रोजाना सुबह तुलसी ये 2 से 4 पत्ते खूब चबाचबा कर खली पेट खाएं! इससे बहूत लाभ होता है!
  • अपेंडिक्स के दर्द से आराम पाने के लिए छाछ में काला नमक मिलाकर पीना चाहिए! इससे लाभ मिलेगा! कोई भी उपाय करने से पहले किसी अच्छे आयुर्वेद चिकित्सक से सलाह लेंना चाहिए!


अनेक रोगों के लिए लहसुन का प्रयोग - Garlic Benefits in Most Disease

लहसुन के प्रयोग से अनेक रोगों में होने वाले चमत्कारी लाभ 

लहसुन के गुण तो बहूत सारे है और बहूत से लोग इसके गुणकारी लाभ की तारीफ तो करते ही है, पर इसके तामसिक और तेज दुर्गन्ध के कारण इसको प्रयोग करने से हिचकिचाते है! अब आइसक्रीम ठंडी तो होगी ही! लहसुन के गुण इसके उड़नशील तेल में है! उसमे तेज गंध होती है बहूत सी कम्पनियां लहसुन के तेल के कैप्सूल बेचकर भी बहूत सारा धन बटोर रही है! अगर आप इसके दुर्गन्ध को एक तरफ करके इसके केवल 1 या 2 कली का ही प्रयोग करते है तो भी इसके बहूत लाभ मिलेंगे!

Benefits Of Garlic in Various Disease - अनेक रोगों में बहूत उपयोगी है लहसुन का प्रयोग

लहसुन स्मरण शक्ति अर्थात याददाश्त बढाता है!

लहसुन पेनिक्रियांस और यकृत की सक्रियता को बढाता है! आंत गति नियमित करके कब्ज दूर करता है! "मधुमेह रोगी, जिगर दुर्बलता की शिकायत करनेवाले, बुढ़ापे में दर्द, हाजमा ख़राब, कमजोर याददाश्त वालो के लिए लहसुन रामबाण की तरह काम करती है! इसका प्रयोग नियमित करें!

हर्दय रोग की दवाई

लहसुन वायु रोग और हर्दय रोग की राम बाण दवाई है!
वाग्भट के अनुसार - 
पित्तरक्तव्निर्मुक्त सम्स्ताव्रण व्रते!
शुद्धे व विधते वायो न द्रव्यं लाशुनात्प्रम!!
अर्थात - पित्तरक्त को छोड़कर अन्य कारण से उत्पन्न वायु रोग दूर करने के लिए इससे बढ़कर कुछ भी नहीं है!
  1. काली मिर्च, सोंठ, सफ़ेद जीरा, हींग, लहसुन, कलमी शोर, सोंचर नमक को बराबर बराबर मिलाकर पाउडर बना लें, चौथाई ग्राम से आधा ग्राम तक शहद में मिलकर इसका प्रयोग करें!
  2. सौ ग्राम लहसुन रस एक किलोग्राम दूध में धीमी आंच पर गरम करके खोवा बना लें! बराबर खांड मिलाकर बीस पेडे बना लें! रोजाना एक पेडा खाकर दूध पियें! वायु रोग में बहूत ही गुणकारी और लाभप्रद है!
हर्दय रोग, धमनी कठोरता, कोलेस्ट्राल वृद्धि में भी लहसुन लाभकारी है! कई प्रसिद्ध चिकित्सक कहते है की ये धमनियों को दुबारा से लचकदार बनाकर हर्दय रोग व रक्त दाब नियंत्रित करता है!
लहसुन, गुड, सेंध नमक, पेपर, काली मिर्च, हिंग को बराबर मिलकर उसमे शहद मिलाकर रखें, उसके बाद चौथाई चम्मच से आधा चम्मच तक इसका सेवन करने से गैस, अफारा, उदर रोग, जुखाम, खासी में लाभ मिलता है!


Diabetes Patient Diet Chart To Control Sugar Level- शुगर के रोगी का डाइट चार्ट, मधुमेह रोग में क्या खाए कितना खाएं?

मधुमेह रोगियों लिए के डाइट चार्ट कैसा होना चाहिए?

मधुमेह रोगियों के लिए बहूत जरूरी है! की, वो अपने खानपान का सही तरीके से ध्यान रखें! अन्यथा ये परेशानी का सबब बन सकता है! रोगी को हर कार्य नियमित रूप से रोजाना करना चाहिए! बिना किसी भी तरह का आलस या लापरवाही के! परहेज, दवाइयां या इस डाइट चार्ट को केवल कुछ दिन लेकर ही ये सोचकर बंद नहीं करें की लाभ नहीं हो रहा है!
Diabetes - Diet Chart for Sugar Patient

इस डाइट चार्ट को कम से कम 2 महिना लें! आप स्वयं ही लाभ अनुभव करेंगे! और उसके बाद आप इसे सुविधा अनुसार आगे भी जारी रख सकते है! याद रखे दिनचर्या और खानपान जब संतुलित और रहेगा! तभी आपका शरीर स्वस्थ रहेगा!

गलत दिनचर्या और खान पान की गलत आदत के कारण ही व्यक्ति का शरीर कमजोर होता है! और बीमारी से लड़ने में सक्षम नहीं हो पता है! इसलिए अपने आपको और अपने सोचने के नजरिये को बदलें! आनंदमय और खुशहाल जीवन अपने के लिए अच्छी और नियमित दिनचर्या का पालन करें!

Best Diet For Diabetes- शुगर के मरीजो भोजन में क्या और कैसे लें!

  1. सुबह 6 बजे: एक ग्लास गुनगुना पानी लेकर उसमे 1 नीबू का रस निचोड कर रोजाना पिए!
  2. सुबह 7 बजे: पिछली रात में भिगोकर रखे हुए 50 ग्राम मेथी का पानी हल्का गर्म करके पिए! उसके बाद मेथी के दाने को किसी पतले कपडे में बंधकर रख दें! अंकुरित होने के बाद प्रातः 7 बजे उन्हें खाएं!
  3. सुबह 9 बजे:एक चौथाई ग्लास टमाटर का रस, लौकी का रस, पलक का रस और करेले का रस मिलाकर पिए! इसके अलावा टमाटर और खीरे का सलाद लें!
  4. सुबह 11 बजे: एक कटोरी अंकुरित अनाज लें! (गेहूँ, मुंग और चना), एक कटोरी सब्जियो का सलाद, एक कटोरी उबली हुई हरी सब्जी, 3 रोटी (गेहूँ और चना बराबर मिले हुए आटे से बनी!) और एक कटोरी दही बिना नमक या चीनी मिलाएं सेवन करें! (दही में काला नमक मिला सके है!)
  5. दोपहर 2 बजे:एक चम्मच जामुन का पाउडर एक ग्लास मट्ठे में मिलाकर पिए!
  6. सायकाल 4:30 बजे:मौसमी फल खासतौर से खट्टे फल ज्यादा से ज्यादा खाएं! और एक बड़ा कटोरा दही का सेवन करें!
  7. सायकाल 7 बजे:1 कटोरी मुंग, चना और गेहू का अंकुरित अनाज खाएं! हरी सब्जिओं का सलाद लें! और 1 कटोरी उबली हुई सब्जी लें, 2 रोटी बराबर मात्र में गेहूँ और चने के आटे से बनी हुई खाए!

Arthritis Diet Chart Plan And Schedule - गठिया रोग डेली डाइट चार्ट - क्या खाएं कितना खाएं

 Arthritis Diet Chart Plan And Schedule -  गठिया में कब और कितना खाएं!

अगर रोग अधिक पुराना नहीं है तो वो ठीक हो सकता है! लेकिन ये तभी हो सकता है अगर रोगी हर कार्य नियमित रूप से रोजाना करें! बिना किसी भी तरह का आलस या लापरवाही के! केवल कुछ दिन लेकर ही ये सोचकर बंद नहीं करें की लाभ नहीं हो रहा है!

Arthritis Diet Plan and Schedule - गठिया रोग में क्या और कब खाएं!

ये डाइट चार्ट कम से कम 2 महिना लें! आप स्वयं ही लाभ अनुभव करेंगे! और इसे अपनी इच्छा अनुसार आगे भी जारी रख सकते है! रोग में आराम होने पर या ठीक होने पर पहले की तरह अपनी दिनचर्या शुरू नहीं करें! ध्यान रखे की आपकी उसी दिनचर्या और खान पान की आदत से ही ये बीमारी हुई है!

इसलिए अपने आपको बदलें! जीवन को आनंदमय और खुशहाल रखने के लिए अच्छी और नियमित दिनचर्या का पालन करें! इस बात का भी विशेष ध्यान रखें की गठिया के मरीज को सुबह धुप में जरूर कुछ देर बैठना चाहिए! इससे हड्डियों की जकडन और कमजोरी दूर होगी!

अगर कोई व्यक्ति आमवात रोग अर्थात गठिया की बीमारी से पीड़ित है तो उसे इस तरह से अपना डाइट लेना चाहिए!

  • सुबह 5 बजे: एक नीबू का रस, 4 लहसुन की कलियाँ कुचली हुई, 2 चम्मच शहद लेकर इन सबको एक ग्लास गुनगुने पानी में मिलाकर खाली पेट पिए! इसमे आप 1 चम्मच हल्दी और अदरक का टुकड़ा कुचलकर भी डाल सकते है इससे अधिक लाभ मिलेगा!

    ध्यान रखे की पानी गुनगुना होना चाहिए! इसके अलावा कभी भी ठंडा पानी नहीं पिए! हमेशा जब भी पानी पिए हल्का गुनगुना हो इस बात का ध्यान जरूर रखें!
  • सुबह 6:30 बजे:
    रात में भिगोकर रखी हुई 25 ग्राम मेथी का पानी गुनगुना करके पिए! बची हुई मेथी को अंकुरित करके खा सकते है!
  • सुबह 9 बजे:मौसमी सब्जियों का रस या सूप पिए! ख़ास तौर से गाजर का रस आधा ग्लास पिए!
  • सुबह 11 बजे:गेहूँ के आटे से बनी 2 रोटीया, उबली हुई हरी सब्जी, अंकुरित मेथी और साथ में सलाद लें! भिगोकर रखी हुई जिस मेथी का पानी सुबह पिये थे! उस मेथी को अंकुरित करके खाएं! स्वाद बढ़ाना चाहते है! तो खीरा, गाजर, टमाटर, भी इसमे मिला सकते है!
  • दोपहर 2 बजे: 4 फल अपनी इच्छानुसार लें!
  • सायकाल 4 बजे: नीबू और शहद गुनगुने पानी के साथ लेना चाहिए!
  • सायंकाल 6:30 बजे: अंकुरित किये हुए अनाज और फल खाएं!
  • सायंकाल 8 बजे: 
  • भोजन में लौकी, तोरई और फलों में आम पपीता व खट्टे फलों का रस लेना चाहिए!

गठिया रोगियों को नियमित रूप से बताये गए डाइट का पालन करना चाहिए! इससे गठिया रोग के दर्द और सुजन में बहूत राहत मिलेगी!


Constipation 10 Best Natural Home Remedies कब्ज का 10 सबसे आसान इलाज घर बैठे करें मिनटों में

Constipation Top 10 Natural Remedies कब्ज का सबसे आसान इलाज!

कब्ज के लिए उपाय!

Constipation Problem Top 10 Natural Remedies - कब्ज के 10 सबसे कामयाब उपाय


  1. हरा धनिया: काला नमक, हरा धनिया और कालीमिर्च तीनो को मिला के इसकी चटनी बनाये, उसके बाद इसे खाएं इससे कब्ज में लाभ होगा!
  2. निम्बू: एक निम्बू का रस निकाल कर उसे हल्के गर्म पानी में मिलकर रात में सोने से पहले लें! सुबह शौच ठीक से आयेगी! निम्बू का रस और चीनी दोनों को 12 – 12 ग्राम बाराबर मात्रा में मिलाकर रात में सोने से पहले पिए पुरानी से पुरानी कब्ज में भी जबरदस्त लाभ होगा!
  3. सौंफ: रात में सोने से पहले आधा चम्मच सौफ लेकर उसे हलके गुनगुने पानी से लें कब्ज ठीक हो जाएगा!
  4. सोंठ: दालचीनी, इलाइची, सोंठ और थोड़ी सी सौंफ इन सबको मिलाकर रोजाना खाने से कब्ज का रोग ठीक हो जाता है!
  5. टमाटर: कब्ज ठीक करने के लिए टमाटर बहूत ही लाभकारी है! ये आंतो और अमाशय में जमा गन्दगी को निकाल बाहर करता है! ये शरीर के अंगो को नयी चेतना और ताजगी देता है! शरीर के अंदरूनी अंगो को स्फूर्ति प्रदान करता है!
  6. आवंला: रात में 1 चम्मच पिसा हुआ आवंला लेकर उसे दूध या पानी के साथ लें! कब्ज में जबरदस्त लाभ मिलेगा!
  7. मूली: ताजा मुली पर काला नमक और काली मिर्च डालकर भोजन के साथ रोजाना 2 महीने तक खाएं इससे कब्ज की समस्या दूर हो जाएगी!
  8. प्याज: एक कच्चा प्याज रोजाना भोजन के साथ लेने से पुराने से पुराना कब्ज ठीक हो जाता है!
  9. छुहारा: रात में 2 छुहारे भिगोकर रख दें, सुबह इसे खाली पेट चबाचबा कर खाएं भोजन कम करें! रात में 2 छुहारे दूध में उबालकर भी ले सकते है इससे कब्ज नहीं होगा!
  10. पपीता: कब्ज हो गई हो तो पपीता खाने से लाभ होता है!

These Remedies Give You Relief in Toothache | दांत दर्द में ये उपाय आराम देंगे

Best Remedies For Toothache |  दांत दर्द का सबसे कामयाब उपाय!


दांत के दर्द को सहन कर पाना बहूत ही मुश्किल होता है और इस असहनीय दर्द के कारण भी कई होते है! लेकिन कभी कभी किसी एनी कारणवश इस दर्द के बावजूद डॉक्टर के पास जाना संभव नहीं हो पाता है! ऐसे में कुछ घरेलु उपाय व नुस्खे है जो इस दर्द से तुरंत आराम दिला सकते है!

दांत दर्द में ये उपाय देंगे मिनटों में आराम | Best Remedies For Toothache 


  • नमक का पानी दांत दर्द में रहत दे सकता है! नमक को गुन्दुने पानी में मिलाकर लें! ये दांतों के बीच फसे खाद्य पदार्थ को हटाने में मददगार होता है इसके अलावा जलन, सुजन, मुह के घाव को भी ठीक में मदद करता है!
    कैसे लें: एक ग्लास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर इसका प्रयोग माउथ वाश के रूप में करें!
  • तौलिये में बर्फ का टुकड़ा लपेट लें! उसके बाद प्रभावित वाले हिस्से पर 10 से 15 मिनट तक सिकाई करें!
  • रुई में लौंग का तेल लगाये और उसे दांत के प्रभावित वाले हिस्से पर लगायें! दिन भर में 3 से 4 बार ऐसा करें इससे सुजन और दर्द दोनों में रहत मिलेगी!

Convert White Hair into Black Hair - 100 % सफ़ेद बाल होंगे काले, मोटे, लम्बे और घने

बाल रहेंगे काले, मोटे, लम्बे, घने और नहीं टूटेंगे आपके बाल कभी अगर करेंगे ऐसा! 

बालो के लिए करें ये उपाय!

घने लम्बे काले बाल चेहरे की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देते है! खूबसूरती को चार चंदे लगाने वाले यही बाल अगर समय से पहले टूटने झड़ने या सफ़ेद होने लगें तो चिंता और परेशानी का कारण बन जाते है!
अगर आप भी ऐसी ही समस्या से जूझ रहे है! तो आपकी समस्या का हल आप घर बैठे कर सकते है! बालों को पोषण मजबूत, लम्बे काले घने बनाए रखने के लिए ये उपाय हमेशा ही कामयाब रहे है! आइये जानते है उनके बारे में...

सफ़ेद बाल काले करने का 100 प्रतिशत सही तरीका!
Tips For Black, Thick, Strong And Long Hair

आवंला बालो को बुढ़ापे में भी काला रखें! Use Amla To Keep Hair Black in Older Age Also.

विटामिन C के खजाने से भरपूर आवंला बालो के लिए किसी अमृत से कम नहीं होता है!बालों के विकास और मजबूती के लिए ये एक बहूत ही जरूरी पोषक तत्व होता है! विटामिन c बालों के विकास को बनाये रखने के लिए जरूरी कोलेजन के निर्माण में बहूत ही मददगार होता है!

ये आयरन को अवशोषित करने में भी बहूत मदद करता है! इसी आयरन के कारण हमारे बाल मजबूत और स्वस्थ रहते है! आवंला बालो को समय से पहले सफ़ेद होने से भी रोकता है!
नित्य अवाले का प्रयोग करने वाले व्यक्ति के बाल बुढ़ापे में भी जल्दी सफ़ेद नहीं होते है! और मजबूत भी रहते है! ये बालों के रोम और जड़ो को मजबूत और पोषक तत्वों से भरपूर रखता है! जिसके कारण बाल मजबूत, लम्बे काले और घने रहते है!

अवाले का कैसे प्रयोग करें? How To Use Amla To Have Black Hair

6 या 7 अवालें लेकर इन्हें अच्छे से सुखा लें! जब ये सूख जाएँ तो इन्हें नारियल के तेल में तब तक उबालें जबतक ये जलकर काला ना हों जाएँ! उसके बाद तैयार किये गए इस तेल से अपने बालो की अच्छे से मालिश करें! अगर हो सके तो तेल को रात में लगाकर सो जाएँ और सुबह के समय बालों को हलके हाथो से अच्छी तरह से धो लें! अच्छे परिणाम और जल्द लाभ के लिए नियमित अंतराल में इस प्रक्रिया को दोहराते रहें! जबरदस्त लाभ मिलेगा!

आलू, शहद और पानी का मिश्रण! Mixture of Potato, Honey And Water.

अगर बालो में पोटेशियम की कमी हो जाती है तो बाल कमजोर होकर टूटने लगते है! आलू में विटामिन C और आयरन तो होता ही है! साथ में पोटेशियम भी अधिक मात्रा में होता है! ये बालो को स्वस्थ रखने में मदद करता है 
शहद एंटीओक्सीडेंट के गुणों से भरपूर होता है! ये सर और बाल दोनों को स्वस्थ रखने और किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाता है!

ये बालो को टूटने और झड़ने से भी रोकने में मदद करता है! शहद में एंटीसेप्टिक और जीवाणुरोधी तत्व प्रचुर मात्रा में होते है! ये बालों को हाइड्रेट रखने में भी लाभदायक है! ये बालो को गिरने से भी रोकता है! ऐसे में आलू, शहद और पानी के मिश्रण से बालो को स्वस्थ, सुन्दर और मजबूत रखा जा सकता है!

कैसे प्रयोग करें! How To Use It

सबसे पहले आलू को छीलकर उसका रस और गुदा निकाल कर उसमे एक चम्मच शहद और पानी मिला कर अच्छी तरह से बालों में लगा लें! उसके बाद इसे 30 मिनट तक अर्थात आधे घंटे तक लगा कर रखें! उसके बाद बालो को धो लें ऐसा नियमित करने से कुछ ही दिनों में आपके बालों में फर्क दिखने लगेगा!

Use of Lemon for Hair Treatment बालो के लिए नीबू का प्रयोग

नीबू बहूत ही अच्छा एस्ट्रीजेंट होता है, जो की सकल्प में छिद्रों में कसाब लाने में मददगार होता है! इससे बालो का टूटना गिरना बंद हो जाता है! अगर आपके बाल तेलिय है! तो नीबू का रस बालो में लगाना चाहिए! इससे विटामिन से युक्त नीबू सर और बालो की मृत कोशिकाओ को एक्सफोलीएट करता है! और डेन्द्र्फ़ को भी दूर करता है!

नीबू का कैसे इस्तेमाल करें? How To Use Lemon For Hair Care

3 से 4 नीबू लेकर एक कटोरी में उसका रस निकाल लें! उसके बाद इस रस में हल्का गर्म पानी मिला ले! आब नहा कर बाल धो लें! उसके बाद अपने बालो में इस तैयार मिश्रण को जड़ तक लगाये! लगाने के 5 मिनट बाद अपने बालो को साफ़ पानी से धो लें!

Arthritis Immunity Disease What Should Not Be Eaten in Arthritis गठिया रोग में क्या खाना चाहिए क्या नहीं - परहेज

Arthritis Immunity Disease -What Should Not Be Eaten in Arthritis

गठिया रोग में क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए! गठिया रोग में जरूरी परहेज से सम्बंधित जानकारी! जो आपको इस दर्द भरे रोग से बचने में बहूत मदद करेंगे! गठिया को वातरोग भी कहा जाता है, और इंग्लिश में इसे Arthritis (आर्थराइटिस) कहते है!
ये बीमारी हड्डियो की बीमारी है! जिसके कारण व्यक्ति के जोड़ो में जकडन, सुजन और तेज दर्द होता रहता है! आज हम जानेंगे की इस रोग में जीवनशैली और खानपान में क्या परिवर्तन करना चाहिए, जिससे दर्द और बीमारी से बचने में लाभ मिल सके!

गठिया रोग में खाए जाने वाले पदार्थ - What Should Eat in Arthritis Disease.

गठिया रोग में संतुलित और आसानी से पच जाने वाला भोजन ही करना चाहिए!

जैसे की - 
  1. चोकर वाले आटे की रोटी, छिलके वाली मूंग की दाल खाना चाहिए ये पेट के साथ साथ सेहत के लिए भी लाभकारी होता है!
  2. मक्का, गेहूं, जई, जौ, राई, बाजरा, बार्ली, कनारी के बीज इत्यादी सेवन करना चाहिए!
  3. गठिया के रोगी सब्जियों और फलो का सेवन करे! सब्जियों में बथुआ, सहिजन, सरसों का साग, मेथी, लौकी, ककड़ी, पत्ता गोभी, तुरई, गाजर, परवल, अमरुद, आलू, अदरक, शकरकंद, लहसुन और करेला इत्यादी का सेवन करना चाहिए!
  4. गठिया की बीमारी में सेम व अन्य फलीदार सब्जियों जैसे की बींस का सेवन करें! 
  5. चेरी, ओट्स, मशरूम, संतरा, चौलाई, हरी पत्तेदार सब्जियां, भूरे चावल, सोंठ, मेथी, गेहूं का अंकुर, नाशपाती, कद्दू, सूरजमुखी के बीज, (सोया बडी, सोया मिल्क, टोफू सोया पनीर, आदि) पपीता, अंडा, लाल शिमला मिर्च, ब्रोकली, अनानास, अजवायन!

गठिया रोग में कौन से फल खाने चाहिए? Eat These Fruits in Arthritis.

  1. अनार, आडू, अंगूर, आम, एलोवेरा, आंवला, लहसुन, सेब, सूखे आलूबुखारे, तरबूज, स्ट्रॉबेरी, आलूबुखारा और ब्लूबेरी !
  2. डेयरी के उत्पाद जैसे की दूध और दूध से बनी चीजें जैसे की पनीर और दही इत्यादी! ये कैल्शियम के अच्छे स्रोत है! गठिया रोग में दूध दही भी कोशिश करें की ना करें! कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए! पूर्ति फलों और सब्जियों का इस्तेमाल करें!
  3. अधिक पानी वाले फल जैसे तरबूज, खरबूज, खीरा और पपीता जैसे फल खाने चाहिए!
  4. अंकुरित अनाज, पेठे का जूस, और गुड़ अपनी पसंद के अनुसार प्रयोग करें!
  5. इसके अलावा बादाम, अखरोट और मूंगफली भी भी खाना चाहिए!

आर्थराइटिस में कौन सा तेल प्रयोग करें? Use This Oil In Arthritis

  1. अलसी का तेल, जैतून का तेल, मछली का तेल और Borage Seed Oil इस्तेमाल करें!
  2. चाय में ग्रीन टी और तुलसी की चाय पी सकते है!
  3. गठिया की बीमारी में शहद, हींग, अश्वगंधा और हल्दी भी खानी चाहिए!
  4. इस रोग में चौलाई की सब्जी लाभ देने वाली होती है!
  5. पुराना चावल जो कम से कम 1 वर्ष पुराना हो! करेला, परवल, और सहजन की सब्जी भी लाभ देने वाले होते है! 

कौनसी मछली खानी चाहिए? Which Fish To Be Eaten

गठिया में लोगों के मन में मछली खाने को लेकर बहूत शंका रहती है! लेकिन गठिया के मरीज हफ्ते में 2 बार 120 ग्राम तक मछली खा सकते है!

जैसे की : Tuna, Salmon, Herring, Sardines, Scallops And Anchovies होते है! 
इस बात की पुष्टि Arthritis Foundation भी करता है जो की अमेरिका में स्थित है! ये अमेरिका में स्थित आर्थराइटिस की एक प्रमाणित संस्था रोगों से जुडी एक प्रमाणिक संस्था है!

कुछ जरूरी उपाय जो गठिया रोग को निष्क्रिय करने में मदद करते है!

Some Important Tips Which helps to reduce arthritis affects

  1. अमरुद की कुछ पत्तियां पीसकर उसमे काला नमक मिलकर 40 दिनों तक खाएं!
  2. एक छोटा चम्मच हल्दी, उतनी ही मात्रा में अदरक और 2 लहसुन कुचलकर सब मिला लें! उसके बाद 10-15 मिनट के लिए धीमी आंच पर गर्म करें और रोजाना सुबह शाम खाली पेट पियें!
  3. बथुआ को आटे में गूथकर उसकी रोटियां बनाकर खाएं!
  4. तुलसी के 4 पत्ते रोजाना सुबह खाली पेट चबाकर खाएं!
  5. सौंठ का पाउडर 1-3 ग्राम पानी में मिलाकर हमेशा भोजन करने के बाद पियें!
  6. हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए रोजाना सुबह नियमित रूप से धुप में बैठे! अगर हो सके तो शरीर पर तिल का तेल लगाकर नियमित रूप से धूप सकें!
  7. सुबह नाश्ते में दलिया शामिल करें! 
  8. मल्टी ग्रेन आटे से बनी रोटियां ही खाएं!
  9. रोजाना आधा चम्मच मेथीदाना रात में भिगोकर रख दें! सुबह उसे पानी सहित खा लें! ये दर्द को काटने और गठिया को ठेकेक करने में बहूत लाभकारी है! मेथी की तासीर गर्म होने के कारण जोड़ो के तमाम दर्द में लाभकारी है! खासकर सर्दियों में इसका प्रयोग जरूर करें!
  10. मेथीदाना को आटे में मिलाकर उसका हलवा बनाकर भी खा सकते है!
  11. एक ग्लास दूध में आधा चम्मच हल्दी, लहसुन की 2 कलियाँ कुचली हुई और आधा छोटा चम्मच सोंठ पाउडर मिलाकर रोजाना पिए!

लहसुन का नुस्खा 1: Garlic Tips For Arthritis 1

सुबह के समय 1 चम्मच लहसुन को कुचलकर उसमे शहद या देसी घी मिलाकर 2 से 3 महीने तक रोजाना खाएं! इससे बहुत लाभ होगा!

लहसुन का नुस्खा 2: Garlic Tips For Arthritis 2

जोड़ो और सुजन वाली जगह पर लहसुन के रस में कपूर या यूकेलिप्टिस का तेल मिला लें और उससे मालिश करें!

गठिया रोग में ये चीजे नहीं खाए - What Should NOT EAT in Arthritis Disease.

गठिया रोग में क्या नहीं खाना चाहिए? Which Food Not To Be Eaten

  1. गठिया रोगी बासी भोजन नहीं करें! गरिष्ठ भोजन, घी या तेल में तली हुई, चाय, चीनी, चिप्स, चटनी, रेड मीट, आचार, पापड़, मसालेदार और तीखा भोजन नहीं खाएं! 
  2. चौमीन, चोकलेट, बर्गर, मोमोस, चाट, केक पेस्ट्रीज, कोल्ड ड्रिंक्स और मैदे से बनी हुई चीजें, डिब्बा बंद भोजन, जंकफूड, इत्यादी से चीजो से हमेशा के लिए तौबा कर लें! 
  3. सफ़ेद ब्रेड, चावल, अमचूर, इमली, लाल मिर्च, टमाटर, मक्खन, शराब, भिन्डी, उड़द की दाल, राजमा, फूलगोभी, कटहल, मसूर दाल नहीं खाएं!
  4. वो सभी चीजे जो गैस बनाती है उन सभी चीजो से परहेज रखें! अपना हाजमा दुरुस्त रखें! खट्टी या ठंडी चीजें नहीं खाएं!
  5. यूरिक एसिड बढ़ाने वाले भोजन नहीं खाएं!
  6. रात या शाम के समय दही, लस्सी, छाछ नहीं खाएं!
  7. खटाई, कच्चा आम, इमली, सिरका, इत्यादी खट्टी चटपटी चीजे नहीं खाएं!
  8. अधिक नमक का सेवन करने से शरीर का कैल्शियम कम होने लगता है! और हड्डिया कमजोर होती है! पेशाब में भी नमक की मात्रा अधिक हो जाती है! इसलिए अधिक नमक युक्त भोजन या कोई चीज नहीं खाएं!
  9. चाय या काफी नहीं पियें! केवल तुलसी की चाय या ग्रीन टीय ही पियें!
  10. मूली और उड़द की डाल नहीं लें! बुखार होता है तो चावल भी बंद कर दें!

How To Eat Garlic | इस तरह से खाएं लहसुन तभी देगा हर रोग और सेहत में फायदा

इस तरह से खाएं लहसुन तभी देगा हर रोग और सेहत में फायदा - महत्वपूर्ण जानकारी - How To Eat Garlic To Avoid Any Disease For Good Health.


अगर आप लहसुन का प्रयोग करते है तो घ्यान रखें की लहसुन केवल भोजन में इस्तेमाल किये जाने वाली वास्तु नहीं है! ये अपने आप में एक अमृत की गोली के बराबर है! इसमे बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी बीमारियों ठीक करनी की ताकत होती है!  लेकिन जरूरी है की इसका प्रयोग सही तरीके से किया जाए तभी इसके गुण शरीर के लिए पूरी तरह से लाभकारी होते है!


How To Eat Garlic -ऐसे खाए लहसुन तभी होगा लाभ


कैसे खाएं लहसुन? - How To Eat Garlic?

लहसुन के अन्दर उपस्थित ताकतवर एंजाइम्स तभी सक्रिय होते है जब वो हवा के संपर्क में आते है! इसलिए जब कभी भी लहसुन खाए तो उसे सबसे पहले कई टुकडो में काट लें ये बेहतर होगा की लहसुन को छीलकर बारीक कूट लें या काट लें और उसे 10 मिनट तक हवा के संपर्क में रख  दे! उसके बाद ही उसे खाएं! ऐसा करने पर आपको लहसुन खाने से जो लाभ मिलेगा आप उसका अंदाज़ा भी नहीं लगा सकते है!

लहसुन किस रोग में लाभकारी है?

लहसुन कई रोगों को ठीक कर सकता है जैसी की ब्लड प्रेशर, शुगर, फैटी लीवर, स्किन डिजीज, टीबी रोग, पेट के रोग इत्यादी में लहसुन का प्रयोग बहूत लाभ देने वाला होता है! 

झाइयों को दूर करने के उपाय और मुहासों का इलाज और रोगों के कामयाब Top Tips From Ayurveda For Pimples Darkness Under Eyes Treatment

Jhaiya Ka Ilaj झाइयाँ क्या होती है और इसका इलाज क्या है!

चेहरे पर झाईयां - Black Spots Under Eyes: 

बोलचाल की भाषा में इसे झाई या छाही कहा जाता है! इसमे चेहरे पर खासतौर से गालों पर छोटे आकार के पीडारहित हलके रंग के गोलाकार दाग उभर आते है! क्रोध और परिश्रम से प्रकुपित वायु जब 'पित' के साथ मिलकर मुख पर आकर पीड़ारहित, छोटा और श्यामवर्ण का मंडल बना लेता है उसे झाईं कहा जाता है!







चेहरे पर झाइयों का इलाज संभव है - How To Remove Jhaiya Naturally
  • वाट वृक्ष के अंकुर और मसूर को संभाग कच्चे दूध में पीसकर लेप करे, जल्द लाभ होगा!
  • मंजीठ को पीसकर, उसमे शहद  मिलकर लेप करें!जल्द ही झियां ठीक होने लगेंगी!
  • जायफल को पानी में मिलाकर घिसके चहरे पर लेप करें, ये बहूत लाभकारी है!

मुहासे क्या होते है इसका ये इलाज जाने! Pimples and Its Treatment

इसे सामान्य तौर पर मुहासे कहते है! अक्सर ये युवावस्था में चेहरे पर निकलने शुरू हो जाते है, इन्हे छेड़ने पर ये चेहरे पर दाग भी छोड़ जाते है! चेहरे पर इनके होने से चेहरे की रंगत कम हो जाती है! आयुर्वेद में इसके होने का मूल कारण कफ, वात, रक्त की अशुद्धता मानी जाती है!

मुहासों के इलाज:Pimples Treatment

  • रोजाना चेहरे को कम से कम 3 बार अच्छे साबुन से धोएं और सूखे तौलियें से साफ़ करना चाहिए! आयुर्वेद में अनेक मिश्रणों से मुहासे ठीक होते है!
  • जायफल, हरड, आंवला, बहेड़ा  इनका बराबर मात्रा में मिश्रण करके लेप लगाकर थोडा लेप करें!
  • बरगद के कोमल पत्ते, मसूर दाल, मंजीठ, नारियल तेल इत्यादी से तेल तैयार करें!
  • अगर कब्ज की समस्या होती है तो साथ में म्रदु विरेचक चाहिए!



बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियाँ उनके लक्षण, और बचाव के तरीके - Monsoon Disease Symptoms, Safety And Cure

बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियाँ उनके लक्षण, और बचाव के तरीके! Monsoon Disease Symptoms, Safety And Cure

मानसून का मौसम आते ही चारो तरफ हरियाली और मौसम सुहाना व खुशगवार हो जाता है! भीषण गर्मी के प्रकोप से मानसूनी बारिश की फुहारें बचाती तो है लेकिन अपने साथ सर्दी-जुखाम, बुखार और कई तरह की बिमारियां लेकर भी आती है! मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, पीलिया, डायरिया, जैसी जानलेवा बीमारियाँ ऐसे मौसम में तेजी से फैलती है!



तापमान में कमी होने से जीवाणु अधिक सक्रिय हो जाते है और शरीर पर हमला कर देते है! शरीर के कमजोर होने पर ये बीमारियाँ हावी हो जाती है! इसके पीछे रोग प्रतिरोधक श्रमता में कमी होना खास कारण होता है! साफ़ सफाई और उचित खान पान रखने से इनसे बचा जा सकता है!

1. बरसात में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप

Malaria, Dengue And Chikunguniya Mosquito Disease in Rainy Season

बरसात के मौसम में देश भर की लगभग 90% जनसँख्या मलेरिया, डेंगू, और चिकनगुनिया जैसी बिमारियों के प्रति संवेदनशील हो जाती है और इन बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगता है! डेंगू के मच्छर हर उस स्थान पर पनप सकते है जहाँ पर ठहरा हुआ और साफ़ पानी होता है! जबकि गन्दा ठहरा हुआ पानी मलेरिया और चिकनगुनिया के मच्छरों के बढ़ने की खास वजह होता है!

इस बीमारी के लक्षण क्या है - Symptoms of These Disease

ये बीमारियाँ होने पर रोगी को तेज कपकपी व ठण्ड का अनुभव होता है, मासपेशियो और जोड़ों में दर्द, shariyaरीर पर लाल चकत्ते पड जाना, घबराहट, मितली, कमजोरी होना, ब्लड प्लेट्लेस का तेजी से कम होना जैसे लक्षण दिखाई देते है!

मलेरिया डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के तरीके - Safety From Malaria, Dengue And Chikunguniya Mosquito Disease

  • अपने शरीर को पूरी तरह अच्छे से ढक कर रखें जिससे की मच्छर काटें नहीं!
  • मच्छरदानी लगाकर ही सोयें
  • किसी भी जगह पानी इकठ्ठा नहीं होने दें!
  • कूलर का पानी हर हफ्ते बदलें
  • किसी भी स्थान पर बारिश का पानी जमा नहीं होने दें!



2. डायरिया, हैजा और फ़ूड प्वाइजनिंग Diarrhea, Haija And Food Poisoning 

अक्सर बरसात के मौसम में चटपटा, तला भुना हुआ खाने का अधिक मन करता है! ऐसे में बच्चे, युवा और बड़े लोग भी बाहर सड़क किनारे पर से किसी होटल या फ़ूड स्टाल से पानी, समोसे, चाट, गोलगप्पे,पकोड़े, मोमोज, चाऊमीन, इत्यादी खाना फैशन बन गया है! ऐसे में बरसात के दिनों में इन सभी बीमारियो फैलने का अधिक खतरा होता है! बैक्टीरिया के पनपने के कारण भोजन जल्दी संक्रमित हो जाता है!

डायरिया, हैजा और फ़ूड प्वाइजनिंग के लक्षण? Symptoms of Food Poisoning From Outside or Street Food

  • उलटी होना
  • दस्त लगना
  • बुखार होना
  • पेट में दर्द
जोड़ों और मासपेशिओं में दर्द, खिचाव, और मरोड़ उठाना ये सब लक्षण एक साथ या एक एक करके भी रोगी में दिखाई पड सकते है! 

डायरिया, हैजा, और फ़ूड प्वाइजनिंग बचाव के उपाय - Remedies And Cure From 

पानी उबल के पियें और बाहर खाने से बचें, अधिक मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करें और रोजाना  2 से 3 बार निम्बू, चीनी, नमक और पानी के घोल का सेवन रोजाना करें!

ये उपाय करके आप बरसात या मानसून के मौसम में स्वस्थ रह सकते है और दूसरों को जागरूक भी कर सकते है!


गर्भावस्था के दौरान रक्त स्राव होने पर क्या करे? समस्या कारण और तत्काल उपाय Bleeding During Pregnancy

गर्भावस्था के समय रक्त स्राव होने का क्या अर्थ होता है? Bleeding During Pregnancy and Cure

यदि गर्भावस्था के समय रक्त-स्राव होता है तो ये अवस्था माँ और बच्चे दोनों के लिए ही खतरनाक होता है!
अगर किसी गर्भवती स्त्री को गर्भावस्था के पहले 6 महीनो में रक्त-स्राव होता है तो इसका प्रमुख कारण गर्भपात हो सकता है, और यदि रक्तस्राव 7वें महीने के बाद होता है तो इसके 2 कारण हो सकते है!
पहले है आँवल का ठीक जगह पर नहीं होना या समय से पहले अलग होने की स्थिति!

यदि प्रसव से पहले रक्त-स्राव होता है तो ये माँ और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक होता है ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द चिकित्सीय मदद मिलना बहूत जरूरी है जिससे की स्थिति को जल्द ही संभाला जा सके अन्यथा मौत भी हो सकती है!

गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव का कारण - Reason of Pregnancy Bleeding

प्रसव से पहले रक्त-स्राव होने के 2 प्रमुख कारणों में पहला है गर्भाशय द्वार पर आंवल का होना! सामान्य तौर पर आंवल गर्भाशय के उपरी भाग में होता है और बच्चा नीचे की तरफ होता है! जिससे बच्चा जन्म के समय पहले बाहर आता है लेकिन ऐसी अवस्था में निचले छोर पर जन्म राह पर होती है! इसलिए ये स्थिति दर्द रहित होती है और अचानक रक्त-स्राव होने लगता है!

इस अवस्था में किसी भी प्रकार की आन्तरिक जाँच नहीं करनी चाहिए! क्योंकि इससे आंवल को नुक्सान पहुच सकता है! क्योंकि इस अवस्था में आंवल पहले ही अलग हो जाती है और उसके बाद बच्चा जन्म लेता है! इस वजह से समयपूर्व बच्चा जन्म ले सकता है इसमे बच्चे को खतरा भी होता है!

इस अवस्था में पूर्ण स्थिति के बारे में केवल अल्ट्रासोनोग्राफी से ही पता चल सकता है! यदि महिला पहली बार शिशु को जन्म देने जा रही है तो बच्चे का सर आखिरी के 2 हफ्तों में श्रोणी में पहुचता है! आंवल की ऐसी अवस्था होने के कारण शिशु के सर श्रोणी में आने में कठिनाई आती है! अगर ऐसी समस्या आती है तो जल्द से जल्द स्थिति जानने के लिए सोनोग्राफी टेस्ट और पूर्ण देखभाल की जरूरत होती है जो अच्छे अस्पताल में आसानी से हो जाती है!

दूसरी और ख़ास वजह आँवल का असमय खिसकना

इस अवस्था में आँवल अपनी सामान्य जगह पर ही होती है! लेकिन अचानक किसी वजह से अलग हो जाती है! ये समस्या गर्भावस्था के दौरान जिन महिलाओ को उच्च रक्तचाप होता है उनमे अधिक देखा गया है और कई बार पेट में कोई गंभीर चोट लगने के कारण भी ऐसा हो जाता है और दर्द के साथ योनी से रक्त-स्राव होने लगता है! रक्त स्स्राव कम या ज्यादा हो सकता है!

इसमें से केवल कुछ ही महिलाओं की योनि से रक्त निकलता है! ये समाया होने पर बच्चे को जल्दी बचाना जरूरी होता है अन्यथा गर्भ में ही बच्चे को खतरा हो सकता है और इसमे माँ ही जान को भी खतरा होता है!

इसलिए जरूरी है की किसी अच्छे से अस्पताल में जल्द से जल्द दिखाया जाये! गर्भवती स्त्री को यदि प्रसवपूर्व रक्तस्राव होता है तो प्रसव के बाद भी रक्त स्राव होने का खतरा होता है!

बिना दवाई तेजी से लम्बाई बढाने के तरीके Increase Height Faster Without Medicine

तेज गति से लम्बाई बढाने के कामयाब तरीके? How to Increase Height Tips in Hindi

बच्चो की बढती उम्र में भी लम्बाई का ना बढ़ना अक्सर बच्चो और माता पिता को परेशानी में डाल देता है कई बार बच्चे तनाव में भी चले जाते है! अधिकतर लोगो का सोचना होता है की लम्बाई केवल किशोरावस्था में ही बढती है लेकिन ऐसा नहीं है लम्बाई को 20 वर्ष के बाद भी बढ़ाया जा सकता है!

20 वर्ष के बाद लम्बाई बढ़ सकती है: 

वैसे तो लम्बाई किसी भी इंसान के लिए उसकी शख्सियत का खास हिस्सा माना जाता है! जिन व्यक्तिओ की लम्बाई अधिक होती है वो लोग आकर्षक दिखते है और उनका आत्मविश्वास भी गजब का होता है! करियर के कई क्षेत्रो में लम्बाई की जरूरत होती है! ऐसे में अगर कद लम्बा हो तो सफलता मिलती है!

कई लोगो में कुछ हार्मोनल या शरीरिक अन्य प्रकार की कमी की वजह से हाइट नहीं बढ़ पाती है! सामान्य तौर पर लम्बाई बढ़ने की उम्र 18 वर्ष ही मानी गई है लेकिन कुछ ख़ास उपायों के जरिये लम्बाई 20 वर्ष के बाद भी 25 की उम्र तक बढ़ा सकते हैं! आइये जानते है इसके तरीके! 

अधिक उम्र में भी तेजी से लम्बाई बढ़ाने का नायाब तरीका

स्वस्थ और पोषक आहार के जरिये

सबसे पहले जरूरी है की शरीर को जिन तत्वों की जरूरत हो उसकी पूर्ति जल्द से जल्द करने के लिए पौष्टिक भोजन लें जैसे विटामिन, कैल्शियम, प्रोटीन, मैग्नीशियम, जिंक, और फास्फोरस ये सभी लम्बाई बढ़ाने के लिए बहूत जरूरी है! इसलिए रोजान पूर्ण स्वस्थ और पोषक आहार लें! संतृप्त वसा, कार्बोनेटेड पेय और अधिक चीनी लेने से बचे ये लम्बाई को बढ़ने से रोकते है!

भोजन में जरूरी पेय पदार्थ लें जैसे जूस, दूध, और गाजर, चिकन, अंडे, मछली, सोयाबीन, आलू, दलिया, हरी सब्जियां और बीन्स भोजन में जरूर शामिल करें! इसके आलावा मेवा, बादाम, मूंगफली तथा केले और सेब जैसे फल भी बहूत लाभदायक है!

सबसे उत्तम तरीका योगासन

ताड़ासन हमारे शरीर की लम्बाई को बढ़ने के लिए उत्तम योग है इसके नियमित प्रयोग से कम उम्र के बच्चे और युवा अपनी लम्बाई 6 फुट तक भी बढ़ा सकते हैं! 

ताड़ासन करने के लिए सबसे पहले दोनों हाथों को ऊपर एक दम सीधा तानकर खड़े हो जायें, और गहरी सांस लें, उसके बाद अपने हाथों को धीरे धीरे और ऊपर उठाते हुए पैर की एडियां भी उठाएं! जब एडियाँ पूरी ऊपर उठ जाएँ तो अपने शरीर को पूरी तरह से तानकर गहरी सांस लें! ये आसन रोजाना करने से शरीर के स्नायु उत्तेजित होकर फैलते है! और लम्बाई बढ़ने में बहूत मददगार होते है!

नियमित पोष्टिक भोजन

कभी भी भूखे नहीं रहना चाहिए! शरीर का मेटाबॉलिज्म (चयापचय) प्राकृतिक तरीके से हमेशा मजबूत रखने की जरूरत होती है! इसके लिए रोजाना 6 तरीके के भोजन लें जो चयापचय को मजबूत बनाते हैं! शरीर में कम वसा इकट्ठी होगी तो आपकी लम्बाई प्राकृतिक रूप से बढ़ सकेगी!

पूरी और भरपूर नींद

हर व्यक्ति को 24 घंटे में कम से कम 7 घंटे की नींद लेना जरूरी है ये हमारी लम्बाई के बढ़ने के लिए भी जरूरी है और स्वस्थ शरीर के लिए भी!

स्वस्थ जीवनशैली के लिए पर्याप्त नींद लेना की जरूरत होती है जो शरीर की लम्बाई और विकास के लिए सबसे उत्तम तरीका होता है! नींद नहीं लेने पार शरीर अन्दर से कमजोर होना शुरू हो जाता है पर्याप्त नींद लेने पर आपकी लम्बाई, वजन और सेहत ठीक रहेंगे! हम जब नींद में होते है तो शरीर में ऊतकों का विकास और निर्माण होता है! पर्याप्त नींद लेने पर लम्बाई को नियंत्रित करने वाले हार्मोन में वृद्धि होने लगती है! इसलिए ध्यान रखें की रोजाना कम से कम 7 घंटे की नींद जरूर लें!

गंजे सर पर बाल उगाने के आयुर्वेदिक तरीके Ganje Sir Par Baal Uagaye - How to Grow New Hair

अगर आप गंजे सर से परेशन है और आपके सर के बाल झड गए है तो उन उड़े हुए बालो को दुबारा उगाने का ये उपाय करें जो आपके बालो के लिए बहूत कारगर है ये प्राकृतिक उपाय बिना किसी नुकसान के आपके गिरते हुए बालो को झड़ने से रोकेंगे और उन्हें दुबारा से उगाने में बहूत मदद भी करेंगे!

गंजेपन के कामयाब घरेलु उपाय: Treatment For Hair Loss Home Remedies

धनिया के पत्तो का रस: ताजे हरे धनिया का ताजा रस निकाल लें और उसे सर के उस हिस्से पर लगायें जहा से बाल झड गए है! धनिया के पेस्ट को गंजे वाले स्थान पर लगाने से सिर में बाल आने लगते है! ये उपाय 4 से 6 महीने करें!

प्याज का रस: प्याज के रस को निकाल कर उसे अपने सर में उस थान पर लगाएँ जहा पर पहले बाल थे इससे आपको फायदा जरूर दिखेगा, ध्यान रखें के रस ताजा ही हो! ये उपाय आपको रोज करना है और 4 से 6 महीनो में आपको बहूत असर दिखेगा!

अरंडी के पत्ते का पेस्ट: अगर आप अरंडी के पत्तो का पेस्ट बनाकर उसे सर के गंजे भाग़ में रोजाना कुछ महीने तक लगाएंगे तो इससे गंजापन ख़त्म हो जायेगा और नए बाल उगने लगेंगे! अरंडी का शुद्ध तेल भी प्रयोग कर सकते है ये बालो को गिरने से रोकेगा!

कड़ी पत्ते का पेस्ट: कड़ी पत्ते का पेस्ट बना कर उसे गंजे सर में लगायें ये रामबाण की तरह काम करता है रोजाना कुछ महीने तक लगायें! इससे गंजापन दूर होता है और नए काले बाल निकलने लगते हैं!

मेथी के दानें: मेथी के दानो को पीसकर उसका पाउडर बना लें उसके बाद उस पाउडर में थोडा पानी मिलाकर लेप बनाकर सर में लगाए ये गंजापन दूर करता है और बालो को टूटने से रोकता भी है!

ये सारे उपाय बालो को गिरने से रोकते है और गंजापन ख़तम करने में कारगर भी है बालो को जड से काला घना मुलायम बनाते है जिससे आपकी खूबसूरती कई गुना बढ़ जाएगी!